सच्चाई दिखाती कविता। Hindi poem

"मन्दिर लगता आडंबर ,  और मदिरालय में खोए हैं ," "भूल गए कश्मीरी  पंडित ,  और अफजल पे रोए हैं........" "इन्हें गोधरा नहीं दिखा ,  गुजरात दिखाई देता है ," "एक पक्ष के लोगों का ,  जज्बात दिखाई देता है........" "हिन्दू को गाली देने का ,  मौसम बना रहे हैं ये ," "धर्म सनातन पर हँसने को ,  फैशन बना रहे हैं ये......." "टीपू को सुल्तान मानकर ,  खुद को बेच कर भूल गए ," "और प्रताप की खुद्दारी की ,  घास की रोटी भूल गए......." "आतंकी की फाँसी इनको ,  अक्सर बहुत रुलाती है ," "गाय माँस के बिन भोजन की ,  थाली नहीं सुहाती है......." "होली आई तो पानी की ,  बर्बादी पर ये रोते हैं ," "रेन डाँस के नाम पर ,  बहते पानी से मुँह धोते हैं........" "दीवाली की जगमग से ही ,  इनकी आँखें डरती हैं ," "थर्टी फर्स्ट की आतिशबाजी ,  इनको क्यों नहीं अखरती है......." "देश विरोधी नारों को ,  ये आजादी बतलाते हैं ," "राष्ट्रप्रेम के नायक संघी ,  इनको नहीं सुहाते हैं...........

हिन्दू धर्म का अपमान हिन्दू ही करते हैं। Hindus are responsible for their stupidity towards hindu dharma.

आजकल एक बड़ा खतरनाक प्रचलन चला है हिन्दुओं में, वह यह कि जैसे ही कोई हिन्दू त्यौहार आने वाला होता है, हम हिन्दू खुद ही उस त्यौहार को ऐसे पेश करते हैं जैसे वो उनके ऊपर बोझ है। उनका भद्दा मजाक फेसबुक व व्हाट्सएप पर बनाते हैं। अपने ही त्यौहारों की पवित्रता, गम्भीरता खत्म कर देते हैं। 


देखिए क्या लिखा है-


आदरणीय पति देव!!

आपको सूचित किया जाता है कि आपके लम्बी आयु की वैलिडिटी खत्म होने वाली है और रिचार्ज की तिथि आ गयी है..!

4 नवम्बर 2020 को स्पेशल करवा चौथ रिचार्ज करवाकर लंबी उम्र पाएं।

पत्नी के त्याग का मजाक बनाकर पत्नी को लालची और रिश्वतखोर बताने लगते हैं !


हिन्दू धर्म की विडंबना देखिए :

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जन्माष्टमी आयी तो भगवान श्री कृष्ण को टपोरी, तड़ीपार, और ना जाने क्या-क्या कहा गया..!

गणेश जी आये तो उनका भी मज़ाक़ बनाया!


नवरात्रि आयी तो ये चुटकुला आया 

"नौ दिन दुर्गा-दुर्गा फिर मुर्गा-मुर्गा..."


विजयादशमी पर भगवान श्री राम, माता सीता और रावण पर चुटकुले चले!

अब दीवाली पर भी कुछ ना कुछ आ जायेगा!

कभी सोचा है कि वास्तव में कौन है जो ये सब पोस्ट कर रहा है.? ये कभी किसी ने भी जानने की कोशिश नहीं की, बस अपने मोबाइल पर आया तो बिना सोचे समझे फॉरवर्ड करना चालू।


एक हमारा मीडिया पहले ही हिन्दू त्यौहारों के पीछे पड़ा है कि....।

होली पर पानी बर्बाद होता है, लेकिन ईद पर जानवरों की क़ुरबानी धर्म है!

दीवाली पर पटाके छोड़ना प्रदूषण है, पर ईसाई नव वर्ष पर आतिशबाजी जश्न है!

नवरात्रि पर 10 बजे के बाद गरबा ध्वनि हम ज्ञानियों के लिए...प्रदूषण हो जाती है।

वहीं मोहर्रम की रात ढोल ताशे कूटना और नववर्ष की रात जानवरों की तरह 12 बजे तक बाजे बजाना धर्म है।

हमको...करवा चौथ और नाग पंचमी पाखंड लगता है। 

वहीं ईसा का मरकर पुनः लौटना 'गुड फ्राइडे'..वैज्ञानिक लगता है!!


हिन्दुओं को यह लगता है कि अपने पर्व का मज़ाक़ बनाना सही है तो इससे बड़ी लानत क्या होगी...??

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इस तरह के मैसेज बनाने वाले हिन्दू विरोधी तत्व जानते हैं कि, हम हिन्दू अपने धर्म को लेके सजग नहीं हैं और एडवांस्ड दिखने के चक्कर में कुछ भी फॉरवर्ड कर देंगे, तभी ये ऐसे मैसेज बनाकर सर्कुलेट करते हैं!!

किसी और धर्म के लोगों को उनके धर्म के जोक्स पढ़ते या कभी, फॉरवर्ड करते देखा है क्या ?

उनको छोड़ो, आप भी उनके धर्म के जोक्स फॉरवर्ड करने से पहले 10 बार सोचते हो कि ये मैसेज आगे भेजूँ या नहीं?

तो आपको हिन्दूधर्म का मज़ाक़ उड़ाते शर्म क्यो नहीं आती?


मेरा करबद्ध निवेदन है कि, अपने हाथों से अपने धर्म का अपमान ना करें..!!

कृपया अपने सभी मित्रो को अपने ही धर्म का मज़ाक ना उडाने की सलाह दें || 


प्रभु श्री कृष्ण नें कहा था ~  "यदि आप धर्म की रक्षा करोगे तो.. धर्म भी आपकी रक्षा करेगा ||


  🚩 राम राम जी 🚩



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