बेरोजगारी और बेरोजगार दिवस। Berojgari and berojgar divas
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इस प्रोडक्ट को देख रहे हैं न, ये है "जुम्मा चाट मसाला"।
इसकी भाषा के आधार पे आप इसे पाकिस्तानी प्रोडक्ट मत समझ लेना।
ये दिल्ली के सीलमपुर में बनता है और इधर गाजियाबाद और लोनी साइड के लोकल मार्किट में बिकता है, हर मुस्लिम परचून की दुकान पे जरूर मिलेगा यह।
इसकी बहुत अच्छी बिक्री है। इसे चाट, चाउमीन, बर्गर वाले, रेहड़ी वाले दुकानदार यूज करते हैं। ये आधा किलो की पैकिंग है, कंपनी से 18 से 20 रुपये में मिल जाती है और दुकानदार इसे 25 में बेचते हैं।
चूंकि हिन्दू तो सारे के सारे upsc में सलेक्ट हो गए हैं, तो ऐसी तमाम फील्ड मज्जबियों के लिए खुला मैदान है।
उन्हें इसकी भी परवाह नहीं की एक हिंदी भाषी क्षेत्र में उर्दू भाषा और अरबी भाषा की लिपि में लिख के प्रोडक्ट बेचने से असर भी पड़ सकता है! क्योंकि कोई हईये नहीं है मुकाबले में।
ये एक इशारा है कि आप बेरोजगार दिवस का झुनझुना बजाते रहिये और वो अपने एजेंडे पे सधी हुई रणनीति से आगे बढ़ रहे हैं, वे कभी इन सब बक्सोदियो में नहीं पड़ते, बांग्लादेश तक से आके आपकी छाती पे मूंग दलते हैं, और उन्हें रोजगार की कोई कमी नहीं होती।
जो भी हो, एक बात तो तय है कि आप को नौकरी मिले न मिले पर आप एक दिन गुलामी अवश्य करोगे, इतना तो पक्का है।
क्यूंकि, सच यही है कि आपको बेरोजगार दिवस मनाने से अधिक कुछ आता भी नहीं है!!!
आभार:
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