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सच्चाई दिखाती कविता। Hindi poem

"मन्दिर लगता आडंबर ,  और मदिरालय में खोए हैं ," "भूल गए कश्मीरी  पंडित ,  और अफजल पे रोए हैं........" "इन्हें गोधरा नहीं दिखा ,  गुजरात दिखाई देता है ," "एक पक्ष के लोगों का ,  जज्बात दिखाई देता है........" "हिन्दू को गाली देने का ,  मौसम बना रहे हैं ये ," "धर्म सनातन पर हँसने को ,  फैशन बना रहे हैं ये......." "टीपू को सुल्तान मानकर ,  खुद को बेच कर भूल गए ," "और प्रताप की खुद्दारी की ,  घास की रोटी भूल गए......." "आतंकी की फाँसी इनको ,  अक्सर बहुत रुलाती है ," "गाय माँस के बिन भोजन की ,  थाली नहीं सुहाती है......." "होली आई तो पानी की ,  बर्बादी पर ये रोते हैं ," "रेन डाँस के नाम पर ,  बहते पानी से मुँह धोते हैं........" "दीवाली की जगमग से ही ,  इनकी आँखें डरती हैं ," "थर्टी फर्स्ट की आतिशबाजी ,  इनको क्यों नहीं अखरती है......." "देश विरोधी नारों को ,  ये आजादी बतलाते हैं ," "राष्ट्रप्रेम के नायक संघी ,  इनको नहीं सुहाते हैं...........

हाथरस मामले में SIT को बड़ी सफलता। Hathras case Uttar Pradesh

हाथरस केस में एसआईटी ने बहुत बड़ा पर्दाफाश किया है और पीड़ित लड़की की नकली भाभी को खोजने के लिए जगह-जगह दबिश दी जा रही है। दरअसल जब हाथरस की लड़की को उसके ही घर घरवालों ने मारा पीटा और वह लड़की घायल हो गई, यह खबर नक्सलियों को जब लगी तब नक्सलियों ने जबलपुर की रहने वाली एक महिला जो पीएचडी है और नक्सली संगठनों से जुड़ी है उसे 16 सितंबर को पीड़िता के घर भेज दिया और वह महिला साड़ी पहनकर घुंघट ओढ़ कर बकायदा 25 सितंबर तक उनके घर में रही उसी ने परिवार वालों को पूरा पाठ पढ़ाया और उन्हें सिखाया कि उन्हें क्या बोलना है कैसे बोलना है। उसी ने घर वालो को सिखाया  कि अगर तुम सवर्णों पर यह आरोप लगा दो तब तुम्हें करोड़ों रुपए मिलेंगे राहुल गांधी से लेकर सोनिया गांधी यहां आएंगे। इतना ही नहीं इस नकली भाभी के नाम पर बाहर से हवाला से कई पैसे आने के ही सुबूत एसआईटी को मिले हैं। कल पीड़ित परिवार भी एसआईटी के सामने यह स्वीकार कर लिया है कि जिसे वह मृतक लड़की की भाभी बनाकर पेश कर रहे थे वह उनकी भाभी नहीं थी। मजे की बात देखी है बड़े-बड़े पत्रकार चाहे दीपक चौरसिया हो चाहे चित्रा त्रिपाठी हो सब उसका इंटरव्यू घ...

भारतीय बौद्धिकता को धिम्मीवाद की दीमक! Slave ness in islamic world.

इस्लाम में धिम्मी (dhimmi ([ˈðɪmːiː]; अरबी: ذمي , समूह में أهل الذمة अह्ल अल-धिम्माह; ओटोमान तुर्की एवं उर्दू में जिम्मी) उस व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को कहते हैं जो मुसलमान नहीं है और शरियत कानून के अनुसार चलने वाले किसी राज्य की प्रजा है। भारतीय मीडिया में एक ही तरह की घटनाओं पर, मुस्लिम या हिन्दू मामलों में दोहरे मानदंड अपनाने की व्याख्या एक ही अवधारणा कर सकती है – ‘जिम्मी’ (dhimmi) मानसिकता। अफ्रीकी मूल की लेखिका "बात ये’ओर" ने इस पर गंभीर पुस्तक लिखी है, Islam and Dhimmitude (‘इस्लाम एंड जिम्मीच्यूड’)। मुख्यतः अरबी पृष्ठभूमि पर लिखी इस पुस्तक से वह मानसिकता ठीक-ठीक समझी जा सकती है, जिस से अधिकांश भारतीय नेता, बुद्धिजीवी ग्रस्त हैं। अरबी शब्द ‘जिम्मा' का अर्थ है करार, जिस से जिम्मेदारी शब्द भी बना है। वह करार जो सदियों पहले इस्लाम द्वारा अपने राज्य में कुछ ईसाइयों, यहूदियों को जिंदा रहने देने की शर्त के रूप में एकतरफा तय किया गया था। (हालाँकि वह छूट बौद्धों, मूर्तिपूजकों के लिए नहीं थी – उन्हें इस्लाम या मौत के बीच एक ही चुनना था।) खलीफा उमर के शासन में, सन् 634 क...

भूली-बिसरी यादें जिनको भुला दिया सबने।

हिन्दू बहुत भुलक्कड़ जीव है, जो हिन्दू नरसंहारों और अपने ऊपर हुए जुर्मों को बड़ी आसानी से भूल जाता है। कभी कभी दोगले कांग्रेसी भड़वे की कही बातें भी भूल जाता है। कुछ नज़्में नीचे याद दिलाए गए हैं। १. यूपी के लोग भिखारी होते हैं- (राहुल गाँधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष) २. पंजाब के 70% लोग नशेड़ी होते हैं– (राहुल गाँधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष) ३. 90% बलात्कार तो लड़की की मर्जी से होते हैं– धरमवीर गोयत (हरियाणा कांग्रेस,  प्रवक्ता) ४. बीवी पुरानी हो जाये तो मजा नहीं आता– (श्रीप्रकाश जैसवाल, कोयला मंत्री , कांग्रेस) ५. महंगाई अच्छी है, ये तो ऐसे ही बढ़ेगी– (पी चिदंबरम कांग्रेस) ६. बलात्कार तो हर जगह होता है– (रेणुका चौधरी, कांग्रेस) ७. सोनिया जी कहेंगी तो झाड़ू भी लगाऊंगा - (भक्त चरणदास, कांग्रेस) ८. पाकिस्तान के हिंदुओं को अपने ऊपर हो  रहे अत्याचार के सबूत देने होंगे– (सुशील शिंदे, कांग्रेस) ९. मैं सोनिया जी के लिए जान तक दे दूँगा– (सलमान खुर्शीद, कांग्रेस) १०. बोफोर्स की ही तरह कोयला घोटाला भी जनता भूल जायेगी– (सुशील शिंदे, कांग्रेस) ११. हमारे सैनिकों को पाकिस्तान की सेना ने नहीं बल्कि उन...

चुनाव में भांड मीडिया। Lutyens media in elections.

टी.वी. चैनल वाले चुनावी कैलकुलेशन करते समय, क्षेत्रवार जनसंख्या प्रतिशत करके बताते हैं तो कुछ इस प्रकार से दिखाते हैं कि, इस चुनाव क्षेत्र में: 28% मुस्लिम 10% ब्राह्मण  08% ठाकुर 04% जाट 05% लोध राजपूत 16% दलित 12% कुर्मी  02% सिक्ख  15% अन्य, जाति के मतदाता हैं। वो कभी यह क्यों नहीं दिखाते कि,  इस क्षेत्र में 72% हिन्दुओं के अलावा  16% सुन्नी और 12% शिया हैं  अब से ये बदलाव आना चाहिए और हम और आप वाट्सअपिए करके दिखाएंगे।। हिन्दू --------------- 72 % कसाई -------------- 01 %  गद्दी ----------------- 02 %  अंसारी ------------- 02 %  हज्जाम ------------- 02 %  कायमखानी -------- 02 % सय्यद -------------- 02 %  पठान --------------- 02 %  शेख ----------------- 03 %  शैफी ----------------- 02 % मनिहार ------------ 01 % सलमानी ( धोबी) -- 01 % इदरीसी ( दर्जी) --- 01 % मंसूरी (धुनें) ------- 0.5 % बाबर्ची ------------- 01 % मिरासी ------------ 0.5 % भांड ---------------- 01 % अन्य --------------- 04 % कभी देखा है किसी ने ऐसा टी.वी....

सुन लो नपुंसकों, मेरा वोट मोदी जी को। My vote goes to Modi ji and BJP

मुझे अच्छी तरह याद है कि जिस समय राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने वाले थे तो किस तरह कुछ "पेड मठाधीशों" द्वारा लोगों को सवर्णों के नाम पर भड़काया गया था और उन्हें बहुत ही चालाकी से " नोटा " दबा के भाजपा को सबक सिखाने के लिए कन्विंस किया गया था। इस बारे में तर्क दिया गया था कि, भाजपा सवर्णों के साथ भेदभाव करती है। इस बारे में चुटियों द्वारा इतना हल्ला मचाया गया कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में बीजेपी बहुत ही कम मार्जिनल वोट से हार गई। इस चुनावी नतीजों के बाद भी आंकड़ों को प्रदर्शित करते हुए बहुत ही बेहूदे तरीके से ये बताया गया कि देखो, हमने नोटा ने दम पर बीजेपी को हरा दिया। तो, बहुत ही खुशी की बात है कि बीजेपी को हरा दिया!! लेकिन.... बीजेपी हारने के बाद हुआ क्या ??? फडणवीस, मामा जी या वसुंधरा राजे या फिर मोदी जी क्या रोड पर आ गए ? भीख माँगने लगे सड़क पर ? अक्ल के अंधो, अगर राज्य में हुए अपराध के लिए उस राज्य के मुख्यमंत्री को दोषी माना जाए तो.. (जैसे कि गुजरात दंगे के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी जी और अभी हाथरस कांड के लिए योगी जी को...

आदत ही पहचान है। Habits can identify the people. Hindi kahani

एक राजा के दरबार मे एक अजनबी इंसान नौकरी मांगने के लिए आया। उससे उसकी क़ाबलियत पूछी गई, तो वो बोला- "मैं आदमी हो चाहे जानवर, शक्ल देख कर उसके बारे में बता सकता हूँ।           राजा ने उसे अपने खास "घोड़ों के अस्तबल का इंचार्ज" बना दिया। कुछ दिनों बाद राजा ने उससे अपने सब से महंगे और मनपसन्द घोड़े के बारे में पूछा, उसने कहा- "नस्ली नही  हैं।"            राजा को हैरानी हुई, उसने जंगल से घोड़े वाले को बुला कर पूछा, उसने बताया, घोड़ा नस्ली तो हैं, पर इसकी पैदायश पर इसकी माँ मर गई थी, ये एक गाय का दूध पी कर उसके साथ पला है।            राजा ने अपने नौकर को बुलाया और पूछा तुम को कैसे पता चला के घोड़ा नस्ली नहीं है ?" उसने कहा- "जब ये घास खाता है तो गायों की तरह सिर नीचे करके, जबकि नस्ली घोड़ा घास मुँह में लेकर सिर उठा लेता हैं।            राजा उसकी काबलियत से बहुत खुश हुआ, उसने नौकर के घर अनाज, घी, मुर्गे, और अंडे बतौर इनाम भिजवा दिए। और उसे रानी के महल में तैनात कर दिया।  ...

अर्णब गोस्वामी। Arnab Goswami and republic Bharat

अर्णब गोस्वामी कोई TRP चोर नहीं। बल्कि स्वतंत्र भारत में पत्रकारिता के स्वर्णिम युग की वापसी का शंखनाद है अर्णब गोस्वामी। अपने उपरोक्त मत के पक्ष में सबसे पहले आप मित्रों को इन दो तथ्यों से परिचित कराना आवश्यक है। इसी वर्ष 23 अप्रैल को एस गुरूमूर्ति जी ने अर्णब गोस्वामी के लिए कहा था कि... अर्णब गोस्वामी धीरे धीरे उन्हीं रामनाथ गोयनका और तत्कालीन इंडियन एक्सप्रेस का स्थान ले रहे हैं जिन्होंने दिखाया था कि नकली गांधीयों को भी चुनौती दी जा सकती है। एस गुरूमूर्ति जी की उपरोक्त टिप्पणी को अर्णब गोस्वामी की पत्रकारिता के लिए मैं सबसे बड़ा सम्मान सबसे बड़ा प्रमाणपत्र मानता हूं। 1987 से 2020, इस पूरी 33 वर्ष की समयावधि के दौरान एस गुरूमूर्ति जी ने कभी किसी पत्रकार या मीडिया संस्थान की तुलना रामनाथ गोयनका से नहीं की। इसका ठोस कारण भी है। 1986 में स्व रामनाथ गोयनका ने तत्कालीन भारतीय राजनीति के सर्वशक्तिमान परिवार और पार्टी के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जिस निर्भीकता के साथ शंखनाद किया था। वैसा कोई दूसरा उदाहरण उससे पहले कभी नहीं देखा गया था। उसके बाद भी कभी नहीं देखा गया। 1986-87 में चित्रा सुब्रह्...

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हिन्दू धर्म का अपमान हिन्दू ही करते हैं। Hindus are responsible for their stupidity towards hindu dharma.

सन्त रविदास का वास्तविक स्वरूप।

कांग्रेस का पतन नजदीक है। Congress party's end is near. Rahul Gandhi and priyanka Vadra Gandhi.